आत्मा की थकान दूर करो

आत्मा की थकान दूर करो

आत्मा की थकान दूर करो

Posted On: 05-August-2022

जिसका उपयोग जिस वस्तु पर केंद्रित हो उसका चिंतन भी उसी वस्तु के इर्द गिर्द घूमता है। आत्मज्ञानी साधकों का उपयोग सतत आत्मा की ओर होता है संघ के साथ गुरुदेव आहार जी में विराजमान थे| पूरा संघ प्रभात की वंदना क्रिया करके हॉल में बैठा था।

तभी पूज्य गुरुदेव ने अपने सभी शिष्यों से पूछा कि आज आप सभी की रात्रि मंगलमय रही, सभी शिष्यों ने अपने मुकुलित कर पुट से पिच्छिका लेकर गुरुदेव को नमोस्तु करते हुए कहा- "भगवन आप के आशीर्वाद से हमारी रात्री मंगलमय रही। चर्चा चल ही रही थी तभी एक वृद्ध महाराज कहने लगे गुरुदेव कल बहुत थकान हो रही थी लेकिन आपके आशीर्वाद से रात्रि में सारी थकान उतर गई।" 
गुरुदेव ने सुना और कहने लगे कि शरीर की थकान दूर करने के लिए ही रात्रि में विश्राम किया है, लेकिन ध्यान रखो "हमें सिर्फ शरीर की थकान को दूर नहीं करना आत्मा की भी थकान दूर करना है जो अनादि से थका हुआ है|"
गुरु वचन रूपी अमृत का पान कर साधु महाराज का उपयोग शरीर की थकान से हटकर अब आत्मा की थकान पर जा टिका और आत्मा की थकान दूर करने के लिए मानो उनके चेहरे पर दृढ़ संकल्प का तेज
बिखर गया।
यही है सच्चे गुरुओं का स्वरूप जो ना तो अपना उपयोग पर में जाने देते और ना ही न शिष्यों का उपयोग अगर पर मैं जाता भी है तो गुरु अपने सम्यक् चिंतन के माध्यम से उसे वहां से निकाल कर आत्मा के सन्मुख कर देते हैं।
सच ऐसें ही होते हैं भावलिंगी संत ...................!!!!


Jinagam panth prabhavna samiti